मै अंधुले की टेक तेरा नामु खुंदकारा-तिलंग -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

मै अंधुले की टेक तेरा नामु खुंदकारा-तिलंग -शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

मै अंधुले की टेक तेरा नामु खुंदकारा ॥
मै गरीब मै मसकीन तेरा नामु है अधारा ॥1॥रहाउ॥

करीमां रहीमां अलाह तू गनीं ॥
हाजरा हजूरि दरि पेसि तूं मनीं ॥1॥

दरीआउ तू दिहंद तू बिसीआर तू धनी ॥
देहि लेहि एकु तूं दिगर को नही ॥2॥

तूं दानां तूं बीनां मै बीचारु किआ करी ॥
नामे चे सुआमी बखसंद तूं हरी ॥3॥1॥2॥727॥

 

This Post Has One Comment

Leave a Reply