मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun 

मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

मैं
मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा
करेंगे वे मुझे नीलाम
कोई चतुर ताँगावाला
ले जायेगा मुझे
चढ़ा देगा आँखों के किनारे
रंगीन आवरण
और कहता रहेगा :
सामने चल बेटा
सामने चल….
सामने….

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