मैं तो भूल चली बाबुल का देस-इंदीवर -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Indeevar

मैं तो भूल चली बाबुल का देस-इंदीवर -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Indeevar

मैं तो भूल चली बाबुल का देस
पिया का घर प्यारा लगे
कोई मैके को दे दो संदेस
पिया का घर प्यारा लगे
ननदी में देखी है बहना की सूरत
सासू जी मेरी है ममता की मूरत
पिता जैसा, ससुर जी का भेस, पिया …

चँदा भी प्यारा है सूरज भी प्यारा
पर सबसे प्यारा है सजना हमारा
आँखें समझे जिया का संदेस, पिया …

बैठा रहे सैयां नैनों को जोड़े
इक पल वो मुझको अकेला ना छोड़े
नहीं जिया को कोई क्लेश, पिया …

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