मेरी, दादी बड़ी कमाल !-डॉ. दिनेश चमोला शैलेश-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Dr. Dinesh Chamola Shailesh

मेरी, दादी बड़ी कमाल !-डॉ. दिनेश चमोला शैलेश-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Dr. Dinesh Chamola Shailesh

 

बाल चमकते चांदी जैसे
चंचल हिरणी जैसी चाल
रिमोट चलाती एक हाथ से
जपती वह दूजे से माल
मेरी, दादी बड़ी कमाल !

फैशन में नानी की नानी
पेटू , ज्यूँ वह मालामाल
दिन भर मेवे खूब उड़ाती
डीलडौल टमाटर लाल
मेरी, दादी बड़ी कमाल !

हमको महज खिलौना समझे
बसते, टी वी में हैं प्राण
नहीं समझ आती है दादी
कि है वह, कैसी नटवरलाल ?
मेरी, दादी बड़ी कमाल !

कथा-कहानी भूल गई सब
सीरियल सारे याद
हम बच्चों से बढ़कर टी वी,
हैं चकित, देख यह हाल
मेरी, दादी बड़ी कमाल!

पापा, मम्मी या दादू को
बात-बात पर है धमकाती
काम न करती, धाम न करती
पर, बनकर रहती ढाल
मेरी, दादी बड़ी कमाल!

चाहे सबको बहुत डांटती
हम बिन लेकिन रह नहीं पाती
आदत से लाचार है दादी
है, पर सच में बड़ी धमाल !
मेरी, दादी बड़ी कमाल!

 

Leave a Reply