मूर्ख पुजारी है वह जो कहता है-प्राण गीत-गोपालदास नीरज-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Gopal Das Neeraj

मूर्ख पुजारी है वह जो कहता है-प्राण गीत-गोपालदास नीरज-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Gopal Das Neeraj

मूर्ख पुजारी है वह जो कहता है मन्दिर ईश्वर का घर,
मुल्ला भी वह बहका है जो कहता वह मस्जिद के अन्दर,
मन्दि-मस्जिद में ही उनका ईश्वर और खुदा होता तो
मन्दिर में बन सक्ती मस्जिद; मस्जिद में बन सकता मन्दिर ।

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