मुक्तक-कविता-रामेश्वर नाथ मिश्र ‘अनुरोध’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rameshwar Nath Mishra Anurodh

मुक्तक-कविता-रामेश्वर नाथ मिश्र ‘अनुरोध’ -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rameshwar Nath Mishra Anurodh

 

मान-सम्मान-यश-कीर्ति मिलती है नहीं,
ज्ञान के घमंड या प्रचण्ड अभिमान से ।
गीत-संगीत-गुण-ललित कला-प्रवीण
रीझते नहीं हैं नौसिखिए के गान से ।

मोती न मिलेगा ‘अनुरोध’ मोथा-मोथी में कि
कोयलें मिलेंगी नहीं कोयले की खान से ।
होड़ क्या करेगा जो चला है भला पाँव-पाँव
उससे जो जा रहा है व्योम में विमान से ।

 

Leave a Reply