मिहर मसीति सिदकु मुसला हकु हलालु कुराणु-सलोक-गुरु नानक देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Nanak Dev Ji

मिहर मसीति सिदकु मुसला हकु हलालु कुराणु-सलोक-गुरु नानक देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Nanak Dev Ji

मिहर मसीति सिदकु मुसला हकु हलालु कुराणु ॥
सरम सुंनति सीलु रोजा होहु मुसलमाणु ॥
करणी काबा सचु पीरु कलमा करम निवाज ॥
तसबी सा तिसु भावसी नानक रखै लाज ॥१॥(140)

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