मालूम शाह से हुई -शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

मालूम शाह से हुई -शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

मालूम शाह से हुई वजह-ए-मुख़ालिफ़त ।
राजाउं से नहीं है भला क्यों यगानगत ।
नानक के बाप दादे भी हिन्दू थे रखते मत ।
सतिगुर बनाते रहते हैं क्यों कोह्यों की गत ।
बच्चों ने फ़िर जवाब दिया बायज़ीद को ।
हो पाक जो पसन्द करे क्यों पलीद को ।

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