मद्दाह हूं नानक का-गंज-ए-शहीदां -अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

मद्दाह हूं नानक का-गंज-ए-शहीदां -अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

मद्दाह हूं नानक का, सना-ख़वां हूं तो तेरा ।
पिनहां हूं तो तेरा हूं, नुमायां हूं तो तेरा ।
शादां हूं तो तेरा हूं, परीशां हूं तो तेरा ।
हिन्दू हूं तो तेरा हूं, मुसलमां हूं तो तेरा ।
कुर्बानियां कीं तूने बहुत राहे-हुदा में ।
दर्जा है तेरा ख़ास ही ख़ासाने-ख़ुदा में ।

 

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