भुतहा पेड़ इमली का-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun 

भुतहा पेड़ इमली का-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

यह वही भुतहा पेड़ इमली का
वृद्ध प्रपितामह-वृद्ध प्रमातामह
वनस्पतियों का
डेढ़ सौ-सवा सौ साल की
अवस्था तो होगी ही
कहीं उससे अधिक ही हो !

वैशाखी-तूफान के प्रलयंकारी ताण्डव से
धराशायी हो गया अभी-अभी
आह, कैसा मर्मान्तक परिदृश्य है
जीवन का यह अन्त !

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