बम चख़ है अपनी शाहे रईयत पनाह से-अल्लामा ताजवर नजीबाबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allama Tajvar Nazibabadi

बम चख़ है अपनी शाहे रईयत पनाह से-अल्लामा ताजवर नजीबाबादी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allama Tajvar Nazibabadi

बम चख़ है अपनी शाहे रईयत पनाह से
इतनी सी बात पर कि ‘उधर कल इधर है आज’ ।
उनकी तरफ़ से दार-ओ-रसन, है इधर से बम
भारत में यह कशाकशे बाहम दिगर है आज ।
इस मुल्क में नहीं कोई रहरौ मगर हर एक
रहज़न बशाने राहबरी राहबर है आज ।
उनकी उधर ज़बींने-हकूमत पे है शिकन
अंजाम से निडर जिसे देखो इधर है आज ।

(२ मार्च १९३०-वीर भारत)
(लाहौर से छपने वाला रोज़ाना अखबार)

Leave a Reply