बधाई होली -पवित्र पर्व -अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

 बधाई होली -पवित्र पर्व -अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

उमग उमग देता हूँ बधाई।
यह फागुन रस बरसा जाये यह होली हो अतर सिंचाई।
सुरुचि निकेत बड़ों के कर की यह अति सुन्दर बेलि लगाई।
सब दिन भरी रहे फूलों से मन हर ले उसकी सुघराई।
सींच सींच निज प्यार सलिल से आप उसे दें ललित लुनाई।
उससे सुरभित हो भूतल में कीरति रहे आप की छाई।
राग तान सुउमंग रंग की छवि आँखों में रहे सवाई।
लाल गुलाल लगे मुखड़े की दिन दिन होवे अधिक ललाई।2।

Leave a Reply