प्याम-ए-तजदीद-कविता -फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Faiz Ahmed Faiz

प्याम-ए-तजदीद-कविता -फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Faiz Ahmed Faiz

अहदे-उलफ़त को मुद्दतें गुज़रीं
दौरे-राहत को मुद्दतें गुज़रीं
मिसले-तस्वीरे-यास है दुनिया
हाय कितनी उदास है दुनिया
फिर तुझे याद कर रहा हूं मैं

कितने बेकैफ़ रोज़ो-शब हैं कि तू
वजहे-तजईने-महरो-माह नहीं
हसरते-दीद खो चुका हूं मैं
आह मैं और तेरी चाह नहीं
इस तसन्नो से थक गया हूं मैं

आ मुझे फिर शुमार में ले
यादे-दोशीन मत जगा प्यारी
बे-वफ़ाई का ज़िक्र रहने दे
मेरे शिकवों की फ़िक्र रहने दे
आ, गुज़शता को भूल जा प्यारी
आ मुझे फिर कनार में ले

दर्दे-अहदे-फ़िराक रो डालूं
दिल के दैरीना दाग़ धो डालूं

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