पैसा-कविताएँ-केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

पैसा-कविताएँ-केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

 

पैसा
दिमाग में वैसे
सुअर
जैसे हरे खेत में

बाप
अब बाप नहीं
पैसा
अब बाप है

पैसे
की सुबह
और
पैसे
की शाम है

दुपहर की भाग-दौड़ पैसा है
पैसे के साथ पड़ी रात है

रचनाकाल: ३०-०१-१९६९

 

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