पैदाइश-नज़्में -निदा फ़ाज़ली-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nida Fazli

पैदाइश-नज़्में -निदा फ़ाज़ली-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nida Fazli

बंद कमरा
छटपटाता सा अंधेरा
और
दीवारों से टकराता हुआ
मैं!!
मुंतज़िर हूँ मुद्दतों से अपनी पैदाइश के दिन का
अपनी माँ के पेट से
निकला हूँ जब से
मैं!!
ख़ुद अपने पेट के अंदर पड़ा हूँ

Leave a Reply