पृथ्वी-प्रदीप सिंह-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Pradeep Singh

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कत्ल
आत्महत्याएँ
शोषण
बलात्कार
लूट
अन्याय
झगड़े
युद्ध

ख़ुशी
मस्ती
सुख
प्यार
दोस्ती
ममता
हँसी
उल्लास

पृथ्वी
तुम्हें क्या मतलब
इन सबसे
तुम्हारा काम घूमना है केवल

पृथ्वी!
काश
मुझे भी दे पाती तुम
अपनी धुरी पर घूमने का हुनर।

 

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