पहला अधिकार-प्राणेन्द्र नाथ मिश्र -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Pranendra Nath Misra

पहला अधिकार-प्राणेन्द्र नाथ मिश्र -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Pranendra Nath Misra

 

दरवाज़े पर भिक्षुक बन कर
जब मृत्यु अटल सी खड़ी रहे
तब उसको भिक्षा देने का
पहला अधिकार मुझे देना।

जब गीतों की गिरती लड़ियां
बिखरें आंसू की बूंदों सी,
तब हर मोती को चुनने का
पहला अधिकार मुझे देना।

हे प्रिये! देव वरदानों को
वापस सहर्ष मैं कर दूंगा,
अपनी सांसों में घुलने का
पहला अधिकार मुझे देना।

 

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