पंडित सरबेसर-बाल कविता-भवानी प्रसाद मिश्र-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Bhawani Prasad Mishra

पंडित सरबेसर-बाल कविता-भवानी प्रसाद मिश्र-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Bhawani Prasad Mishra

 

नाक में बेसर सिर पर टोपी
सारे मूंह पर केसर थोपी
सरबेसर तब चले बज़ार
लड़के पीछे लगे हज़ार|

पंडित जी ने मौका देखा
कहा, दिखाओ हाथ की रेखा
पास-फेल सब बतला दूंगा
पांच पांच पैसे भर लूँगा|

हाथ हज़ार सामने फैले
बने सभी पंडित के चेले
पंडित जी ने कहा-
“पास सब, पैसे लाओ
पांच-पांच पैसे दे-दे कर जाओ,
सब घर जाओ
पढ़ो व्याकरण, गणित लगाओ|

पैसे मिल गए पांच हज़ार
सरबेसर जी चले बज़ार
मुंह पर फिर से केसर थोपी
ठीक जमा कर सिर पर टोपी!

 

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