न्यूयॉर्क – कैदी कविराय की कुण्डलियाँ अटल बिहारी वाजपेयी- Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

न्यूयॉर्क – कैदी कविराय की कुण्डलियाँ अटल बिहारी वाजपेयी- Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

मायानगरी देख ली,
इन्द्रजाल की रात;
आसमान को चूमती,
धरती की बारात;
धरती की बारात,
रूप का रंग निखरता;
रस का पारावार,
डूबता हृदय उबरता;
कह कैदी कविराय,
बिकाऊ यहां जिंदगी;
चमक-दमक में छिपी,
गरीबी और गन्दगी!

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