नैहर कुआरि कन्न्या लाडिली कै मानियति-कबित्त-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

नैहर कुआरि कन्न्या लाडिली कै मानियति-कबित्त-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

नैहर कुआरि कन्न्या लाडिली कै मानियति
ब्याहे ससुरार जाय गुननु कै मानीऐ ।
बनज ब्युहार लगि जात है बिदेसि प्रानी
कहीए सपूत लाभ लभत कै आनीऐ ।
जैसे तउ संग्राम समै परदल मै अकेलो जाय
जीति आवै सोयी सूरो सुभटु बखानीऐ ।
मानस जनमु पाय चरनि सरनि गुर
साधसंगति मिलै गुरदुआरि पहचानीऐ ॥११८॥

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