नीलोफर सबनम नहीं अंगार की बातें करो- धरती की सतह पर -अदम गोंडवी- Adam Gondvi-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

नीलोफर सबनम नहीं अंगार की बातें करो- धरती की सतह पर -अदम गोंडवी- Adam Gondvi-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita,

नीलोफर सबनम नहीं अंगार की बातें करो
वक़्त के बदले हुए मेआर की बातें करो

भाप बन सकती पानी अहगर हो नीम गर्म
क्रान्ति लेन के लिए हथियार की बातें करो

आसमानी बाप से जब प्यार कर सकते नहीं
इस जमीं के ही किसी किरदार की बातें करो

तर्क कर तनकीद के जज्बे को मर जाती है कौम
जुर्म है ठहराव अब रफ़्तार की बातें करो

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