निर्मम संसार -कविताएँ-अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

 निर्मम संसार -कविताएँ-अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

वायु के मिस भर भरकर आह ।
ओस मिस बहा नयन जलधार ।
इधर रोती रहती है रात ।
छिन गये मणि मुक्ता का हार ।1।

उधर रवि आ पसार कर कांत ।
उषा का करता है शृंगार ।
प्रकृति है कितनी करुणा मूर्ति ।
देख लो कैसा है संसार ।2।

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