नमस्कार गुरदेव को सतनामु जिस मंत्र सुणाया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji 

नमस्कार गुरदेव को सतनामु जिस मंत्र सुणाया ॥-बाबे नानक देव जी दी वार-भाई गुरदास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Bhai Gurdas Ji

नमस्कार गुरदेव को सतनामु जिस मंत्र सुणाया ॥
भवजल विच्चों कढ्ढके मुक्ति पदारथ मांहि समाया ॥
जन्म मरन भउ कट्ट्या संसा रोग विजोग मिटाया ॥
संसा इह संसार है जन्म मरन विच दुख सबाया ॥
जमदंड सिरों न उतरै साकत दुर्जन जन्म गवाया ॥
चरन गहे गुरदेव के सति सबद दे मुक्ति कराया ॥
भाय भगत गुरपुरब कर नाम दान इशनान द्रिड़ाया ॥
जेहा बीउ तेहा फल पाया ॥1॥

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