दीपितो सीमन्‍त (देवनागरी रूप)-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun 

दीपितो सीमन्‍त (देवनागरी रूप)-मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

एखन तो कोनो पात्ता नेइ
तोमार ऐइ दीपितो सीमन्तेर
सन्धान पावो कि कोरे जाय गाटिर
कोथाए ये प्रथम प्रथम
सिन्दूर लागिए छिलाम
तोमार सेइ कुंतल कपाल
पुरातत्वेर स्मृतिते परिणत सम्प्रति

अथच एइ चेतना पटले
ओ ज्वल-ज्वल करिते छे
तोमार सेइ सद्य सिन्दूरित सीमन्त खानि
अथच एखन तो होदिस पाइनि
एकजन किशोरीर सेइ दीप्त सीमन्तेर….

(21.7.78)

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