दिल में महक रहे हैं किसी आरज़ू के फूल-लावा -जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar 

दिल में महक रहे हैं किसी आरज़ू के फूल-लावा -जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

दिल में महक रहे हैं किसी आरज़ू के फूल
पलकों में खिलनेवाले हैं शायद लहू के फूल

अब तक है कोई बात मुझे याद हर्फ़-हर्फ़
अब तक मैं चुन रहा हूँ किसी गुफ़्तगू के फूल

कलियाँ चटक रही थी कि आवाज़ थी कोई
अब तक समाअतों में हैं इक ख़ुशगुलू के फूल

मेरे लहू का रंग है हर नोक-ए-ख़ार पर
सेहरा में हर तरफ़ है मिरी जुस्तजू के फूल

दीवाने कल जो लोग थे फूलों के इश्क़ में
अब उनके दामनों में भरे हैं रफ़ू के फूल

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