दाग़िसतानी ख़ातून और शायर बेटा-कविता-रसूल हमज़ातोव-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rasul Gamzatov(Rasool Hamzatov) 

दाग़िसतानी ख़ातून और शायर बेटा-कविता-रसूल हमज़ातोव-Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Rasul Gamzatov(Rasool Hamzatov)

उसने जब बोलना न सीखा था
उसकी हर बात मैं समझती थी
अब वो शायर बना है नामे-ख़ुदा
लेकिन अफ़सोस कोई बात उसकी
मेरे पल्ले ज़रा नहीं पड़ती

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