दावा ख़ुदा की बन्दगी-शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

दावा ख़ुदा की बन्दगी-शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

दावा ख़ुदा की बन्दगी का है तुम्हें कमाल ।
लेकिन है मुसलिमों का बहुत आज ग़ैर हाल ।
कब्रें जो पूजते ना हों मोमिन हैं ख़ाल ख़ाल ।
लाया ज़वाल तुम पि भी जभी सति स्री अकाल ।
कायल फ़कत ज़बां से हो तुम या करीम के ।
बन बन के ज़ुलम ढाते हो बन्दे रहीम के ।

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