दम तोड़ता पिता-कविता-दीपक शर्मा-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Deepak Sharma

दम तोड़ता पिता-कविता-दीपक शर्मा-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Deepak Sharma

 

दम तोड़ते हुए
पहली बार एक पिता ने कहा –
“छोटकी बड़ी हो गयी है!”

बेटे ने पहली बार सुनी
पिता के कंठों से ‘आह’ का स्वर

पहली बार अहसान हुआ
जिम्मेदारी का बोझ।

 

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