थैलीशाहों की यह बिल्ली-कविताएँ-केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

थैलीशाहों की यह बिल्ली-कविताएँ-केदारनाथ अग्रवाल-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Kedarnath Agarwal

 

थैलीशाहों की यह बिल्ली
बड़ी नीच है।
मजदूरों का खाना-दाना,
सब चोरी से खा जाती है।
बेचारे भूखे सोते हैं!!

थैलीशाहों का यह कुत्ता
महादुष्ट है।
मजदूरों की बोटी बोटी,
खून बहाकर खा जाता है।
बेचारे तड़पा करते हैं!!

थैलीशाहों की यह संस्कृति,
महामृत्यु है।
कुत्ता बिल्ली से बढ़कर है।
मानवता को खा जाती है।
बेचारी धरती रोती है!!

रचनाकाल: ०८-०९-१९४९

 

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