तौको-दार का मौसम-दस्ते सबा -फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Faiz Ahmed Faiz

तौको-दार का मौसम-दस्ते सबा -फ़ैज़ अहमद फ़ैज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Faiz Ahmed Faiz

रविश-रविश है वही इंतज़ार का मौसम
नहीं है कोई भी मौसम, बहार का मौसम

गरां है दिल पे ग़मे-रोज़गार का मौसम
है आज़मायशे-हुसने-निगार का मौसम

ख़ुशा नज़ारा-ए-रुख़सारे-यार की साअत
ख़ुशा करारे-दिले-बेकरार का मौसम

हदीसे-बादा-ओ-साकी नहीं तो किस मसरफ़
ख़िरामे-अबरे-सरे-कोहसार का मौसम

नसीब सोहबते-यारां नहीं तो क्या कीजे
यह रकसे-साया-ए-सरवो-चिनार का मौसम

ये दिल के दाग़ तो दुखते थे यूं भी पर कम-कम
कुछ अब के और है हिजराने-यार का मौसम

यही जुनूं का, यही तौको-दार का मौसम
यही जबर, यही इख़तियार का मौसम

कफ़स है बस में तुम्हारे, तुम्हारे बस में नहीं
चमन में आतिशे-गुल के निखार का मौसम

सबा की मस्तख़िरामी तहे-कमन्द नहीं
असीरे-दाम नहीं है बहार का मौसम

बला से हमने न देखा तो और देखेंगे
फरोग़े-गुलशनो-सौते-हज़ार का मौसम

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