तेरी तस्वीर छुपा रखी है-उमेश दाधीच -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Umesh Dadhich

तेरी तस्वीर छुपा रखी है-उमेश दाधीच -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Umesh Dadhich

तेरी तस्वीर को दुनियां से छुपा रखी है
देखो हमने तो नज़रे भी झुका रखी है ।
थामे बैठी है बरसती नज़रे तुम्हे बरसो से
देख खुद की क्या हालत मैंने बना रखी है ।।

उजाड़ी है कई तुफानो ने बस्ती को मेरी
तेरी यादों ने मेरी ये कश्ती बचा रखी है ।
बिछड़े कदमो के निशाँ गाए ग़ज़ल वो ही
जो ग़ज़ल हमने सिर्फ तुम्हे सुना रखी है ।।

दो किरदार है मर रहे किस्सो में जिंदा
क्या खूब मोहब्बत की सजा पा रखी है ।।
आएंगे नज़र गीतों में वो अमर किरदार
इसलिए हंसते हुए हर ग़ज़ल को गा रखी है ।।

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