तूं ते आख्या सी छेती फेर आवां-कर्मजीत सिंह गठवाला -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karamjit Singh Gathwala ,

तूं ते आख्या सी छेती फेर आवां-कर्मजीत सिंह गठवाला -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karamjit Singh Gathwala ,

तूं ते आख्या सी छेती फेर आवां,
अजे तक्क नहीं आया पैग़ाम तेरा ।
तैनूं नींद वेले आउंदी चैन होणी,
एथे ज़िकर छेड़े आ के शाम तेरा ।
सीता वांग कैदी मैं ते हो रहियां,
लोकी पुच्छदे, ‘कित्थे है राम तेरा’ ।
आ के दरश दा घुट्ट तां पा जा तूं,
खाली वेख लै प्या है जाम मेरा ।
आ के वेख शरीर दा हाल की है,
की है मेरे दिमाग़ दा हाल चन्नां ।
लहर लग्गी सी वांग किनारिआं दे,
भुल्ल मार बैठे उपर छाल चन्नां ।

Leave a Reply