टप्पे-कर्मजीत सिंह गठवाला -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karamjit Singh Gathwala ,

टप्पे-कर्मजीत सिंह गठवाला -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karamjit Singh Gathwala ,

1
बुलबुल फुल्लां कोल आउंदी ए,
उन्हां कोलों महक लए गीत उन्हां नूं सुणाउंदी ए ।
2
वाय पत्तरे झाड़ गई,
तेरी वे जुदाई चन्दरी ज्युंदे जिय साड़ गई ।
3
माली हौके भरदा ए,
फुल्लां नूं गड़े झाड़ गए रब्ब की की करदा ए ।
4
बाग़ चन्नन दा ला बैठे,
पता सानूं पिछों लग्ग्या साथी नाग बना बैठे ।
5
पंछी गीत सुणाउंदे ने,
बिरहुं विच्च सड़्यां नूं लग्गे कीरने पाउंदे ने ।
6
फुल्ल खिड़े गुलमोहरां नूं,
कहन्दे इहो रुत्त भांवदी सभ दिल दियां चोरां नूं ।
7
इहनां नैणां दे रंग वेखो,
सज्जन जदों दूर हुन्दे रोंदे बदलियां संग वेखो ।
8
पत्त पीले हो गए ने,
याद तेरी डंग मार्या बुल्ह नीले हो गए ने ।
9
वेखो कलियां खिलियां ने,
दिल बागो-बाग हो ग्या सूहां तेरियां मिलियां ने ।

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