ज्योति-कविता-करन कोविंद -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karan Kovind

ज्योति-कविता-करन कोविंद -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karan Kovind

ज्योति सा जलना
मोम सा पिघलना नही
धैर्य बाधे रहना
बर्फ सा टघारना नही
पथ भ्रमण पडाव आयेगे
उंचे मुश्किल चढाव आयेगे
निष्पक्ष होकर पथ पार करना
हर क्षण को समझना
ज्योति सा जलना
मोम सा पिघलना नही
पर अंजानी चीजो को
अखरना नही
क्योकि कब चीज बदल
जाये कोई सम्भावना नही
कभी पथ्तर कभी भरोसा सब टूटेगा

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