जाने दो ना पास आओ ना-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

जाने दो ना पास आओ ना-ग़ज़लें व फ़िल्मी गीत-जावेद अख़्तर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Javed Akhtar

जाने दो ना
पास आओ ना
जाने दो ना
पास आओ ना
छुओ ना छुओ ना मुझे
छुओ ना छुओ ना देखो
छुओ ना छुओ ना छुओ ना
पास आओ ना
आओ ना आओ ना पास
आओ ना आओ ना देखो
आओ ना आओ ना आओ ना
जाने दो ना पास आओ ना

छोड़ो कलाई देखो रो दूँगी -2
जाओ मैं तुमसे नहीं बोलूँगी
मान भी जाओ मेरी बात सनम
हाथों में रहने दो ये हाथ सनम
छुओ ना छुओ ना मुझे
छुओ ना छुओ ना देखो
छुओ ना
पास आओ ना
जाने दो ना

प्यासे होंठों की जो कहानी है -2
पास आ के तुम्हें सुनानी है
ये बातें मैं ना कर पाऊँगी
पास ना आना मर जाऊँगी
आओ ना आओ ना पास
आओ ना आओ ना देखो
आओ ना
जाने दो ना
पास आओ ना

दिल जैसे करवटें बदलता है -2
मेरा तो सारा तन जलता है
अरमाँ जो दिल में मचलते हैं
तन यूँही जलते-पिघलते हैं
छुओ ना छुओ ना मुझे
छुओ ना छुओ ना देखो
छुओ ना
पास आओ ना
हो जाने दो ना
आओ ना आओ ना पास
आओ ना आओ ना देखो
आओ ना आओ ना आओ ना
ओ जाने दो ना
पास आओ ना

(सागर)

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