जब देखा तब गावा-रागु सोरठि बाणी भगत नामदे जी ੴ सतिगुर प्रसादि-शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

जब देखा तब गावा-रागु सोरठि बाणी भगत नामदे जी
ੴ सतिगुर प्रसादि-शब्द (गुरू ग्रंथ साहिब) -संत नामदेव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Sant Namdev Ji

जब देखा तब गावा ॥
तउ जन धीरजु पावा ॥1॥

नादि समाइलो रे सतिगुरु भेटिले देवा ॥1॥ रहाउ ॥

जह झिलि मिलि कारु दिसंता ॥
तह अनहद सबद बजंता ॥
जोती जोति समानी ॥
मै गुर परसादी जानी ॥2॥

रतन कमल कोठरी ॥
चमकार बीजुल तही ॥
नेरै नाही दूरि ॥
निज आतमै रहिआ भरपूरि ॥3॥

जह अनहत सूर उज्यारा ॥
तह दीपक जलै छंछारा ॥
गुर परसादी जानिआ ॥
जनु नामा सहज समानिआ ॥4॥1॥656॥

 

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