जब तेरी याद के जुगनू चमके-दर्द आशोब -अहमद फ़राज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ahmed Faraz,

जब तेरी याद के जुगनू चमके-दर्द आशोब -अहमद फ़राज़-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ahmed Faraz,

जब तेरी याद के जुगनू चमके
देर तक आँख में आँसू चमके

सख़्त तारीक है दिल की दुनिया
ऐसे आलम में अगर तू चमके

हमने देखा सरे-बाज़ारे-वफ़ा
कभी मोती कभी आँसू चमके

शर्त है शिद्दते-अहसासे-जमाल
रंग तो रंग है ख़ुशबू चमके

आँख मजबूर-ए-तमाशा है ‘फ़राज़’
एक सूरत है कि हरसू चमके

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