जब तुम्हें मोहब्बत होगी-कविता-प्रफुल्ल सिंह “बेचैन कलम” -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Praful Singh “Bechain Kalam”

जब तुम्हें मोहब्बत होगी-कविता-प्रफुल्ल सिंह “बेचैन कलम” -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Praful Singh “Bechain Kalam”

 

जब तुम्हें मुझसे मोहब्बत होगी
जब तुम मेरी आँखों में
डूबकर उस पार जाओगे
तो जरा संभलना
दहलीज पर के उस क़ब्र से
जहाँ कुछ ख़्वाब दफ़न हैं
भूलकर भी!
मत खोलना जाले लगे
उस संदूक को जिसमें पुरानी
तस्वीर पड़ी है
मत जाना उस
सूखी नदी की ओर
मत डरना उस घनघोर
अँधेरे से बस
जलाये रखना अपने
भीतर की रौशनी को
वही लाएगी तुम्हें मुझ तक..!!

 

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