छप्पै -पवित्र पर्व -अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

छप्पै -पवित्र पर्व -अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’’-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ayodhya Singh Upadhyay Hariaudh,

आती है तो मृतक जनों में जीवन भर दे,
धीर, बीर, गंभीर गौरवित सब को कर दे।
फैला दे वह दिव्य ज्योति, जिससे तमभागे;
बंद हुए दृग खुलें, सो गयी जनता जागे।
जिसे लाभ कर दुख टले, सुख-प्रसून घर-घरखिले;
विजये, विजय-विभूति वह विजयी भारत को मिले।

Leave a Reply