गीत-कविता-करन कोविंद -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karan Kovind

गीत-कविता-करन कोविंद -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Karan Kovind

अधरो मे प्रिय प्यास भरी
कैसे प्यास बुझाऊ मै

जीवन मे परि- पूर्ण संसार टली
अनुभव मे खरी- तूर्ण सांस थमी
बिन सुख के लक्ष्य क्या तजू मै
सुखमय जीवन कि प्यास करू मै।

अधरो मे प्रिय प्यास भरी
कैसे प्यास बुझाऊ मै

वन वन उपवन दिन दमन शतदल
पग पग चलकर खोजता प्रतिपल
पर सुख मधुबूंद एक ना पा सकू मै
फिरभी एक प्रवाह कि आस करू मै

अधरो मे प्रिय प्यास भरी
कैसे प्यास बुझाऊ मै।

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