खींचो खींचो -बोलगप्पे -अशोक चक्रधर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ashok Chakradhar,

खींचो खींचो -बोलगप्पे -अशोक चक्रधर-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Ashok Chakradhar,

कौन कह मरा है कि
कैमरा हो हमेशा तुम्हारे पास,
आंखों से ही खींच लो
समंदर की लहरें
पेड़ों की पत्तियां
मैदान की घास !

Leave a Reply