कौन लब्जों पे ध्यान देता है-उत्साही उज्जवल -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Utsahi Ujjwal

कौन लब्जों पे ध्यान देता है-उत्साही उज्जवल -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Utsahi Ujjwal

कौन लब्जों पे ध्यान देता है
जब कोई नेता बयान देता है

मुझे छला सदा अपनो ने
कोई गैर कहाँ जुबान देता है

दिल्लगी अपनी जगह है वाज़िब
पर इश्क़ में कौन जान देता है

नफ़रत किस से करूँ मैं यहाँ
जब सबको जन्म भगवान देता है

बीती बातों को याद क्या करना
वो तो दर्दों का तूफ़ान देता है

तुझे कैसे कह दूँ बेवफ़ा मैं
धोखा तो सारा जहान देता है!

 

Leave a Reply