कोई बोलै राम राम कोई खुदाइ-शब्द -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji

कोई बोलै राम राम कोई खुदाइ-शब्द -गुरू अर्जन देव जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Arjan Dev Ji

कोई बोलै राम राम कोई खुदाइ ॥
कोई सेवै गुसईआ कोई अलाहि ॥१॥
कारण करण करीम ॥
किरपा धारि रहीम ॥१॥ रहाउ ॥
कोई नावै तीरथि कोई हज जाइ ॥
कोई करै पूजा कोई सिरु निवाइ ॥२॥
कोई पड़ै बेद कोई कतेब ॥
कोई ओढै नील कोई सुपेद ॥३॥
कोई कहै तुरकु कोई कहै हिंदू ॥
कोई बाछै भिसतु कोई सुरगिंदू ॥४॥
कहु नानक जिनि हुकमु पछाता ॥
प्रभ साहिब का तिनि भेदु जाता ॥5॥9॥885॥

Leave a Reply