कैसे रहा जाएगा…-भूल जाओ पुराने सपने -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

कैसे रहा जाएगा…-भूल जाओ पुराने सपने -नागार्जुन-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Nagarjun

यह क्या हो रहा है जी ?
आप मुँह नहीं खोलिएगा !
कुच्छो नहीं बोलिएगा !
कैसे रहा जाएगा आपसे ?
आप तो डरे नहीं कभी अपने बाप से
तो, बतलाइए, यह क्या हो रहा है ?
कौन पा रहा है, कौन खो रहा है ?
प्लीज बतलाएँ तो सही…
अपनी तो बे-कली बढ़ती जा रही
यह क्या हो रहा है जी
प्लीज बतलाएँ तो सही…

26.2.79

Leave a Reply