किरदार तेरे है-उमेश दाधीच -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Umesh Dadhich

किरदार तेरे है-उमेश दाधीच -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Umesh Dadhich

मेरी हर कहानी में है तू और किरदार तेरे है
शब्द शब्द तुझे तराशते औरहक़दार तेरे है

तू ढलती गयी गीतों में और मैं तुझे गाता रहा
और महफ़िल में ये झुठे लोग तरफदार मेरे है ।।

चुमकर लब्ज़ लब्ज़ तेरा लब बेकरार मेरे है
इज़हार में झूम रहे हर गीत में इकरार तेरे है

नज़्म पढूं, ग़ज़ल कोई या गीत नया-पुराना
बात बात पर हो रहे है जो चर्चे हरबार तेरे है ।।

जिन्हें पढ़ रही है शौक से दुनियां वो अखबार तेरे है
कतरा रहे कुछ लोग अब मुझसे वो दावेदार तेरे है

कागज़ भी तेरा, कलम भी और लब्ज़ भी तू है
किस्से-कहानियां मेरे, मेरी तरह बस कर्ज़दार तेरे है ।।
मेरी हर कहानी में है तू और किरदार तेरे है ।।

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