कान्धों पे मुसीबत की पिटारी ऐ दिल-ग़ज़लें-ख़याल लद्दाखी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Khayal Ladakhi

कान्धों पे मुसीबत की पिटारी ऐ दिल-ग़ज़लें-ख़याल लद्दाखी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Khayal Ladakhi

कान्धों पे मुसीबत की पिटारी ऐ दिल
मुशकिल में गुज़रनी थी गुज़ारी ऐ दिल
मालूम न था है यही दुनिया का निज़ाम
आज़ार के बाज़ार में ज़ारी ऐ दिल

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