कविता -यशु जान -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yashu Jaan Kavitayen Part 1

कविता -यशु जान -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Yashu Jaan Kavitayen Part 1

 जन्म दिन पर शायरी ग़ज़ल

क़ाश ऐसा भी एक काम करदे ख़ुदा,
आपका ये दिन ख़ुशियों से भरदे ख़ुदा

आपके मुँह से जो निकले सच हो जाए,
आपकी दुआ में ऐसा असर दे ख़ुदा

मेरी ज़िन्दग़ी से ज़्यादा आप क़ीमती हैं,
दुआ करते हैं आपको भी लंबी उम्र दे ख़ुदा

तुम्हारे जश्न का ख़ज़ाना कभी ख़ाली न हो,
आपको ख़ुशियाँ भी इस क़दर दे ख़ुदा

हमारी सदियों से ये है फ़रयाद कि आपको,
अच्छी नौक़री, अच्छा पति ख़ूबसूरत घर दे ख़ुदा

इतिहास के पन्नों में हमारा भी नाम

जब कोई विश्व के अतीत की खोल रहा किताब होगा,
इतिहास के उन पन्नों में लिखा हमारा भी नाम होगा

हम कर जाएंगे अपने देश के लिए कुछ ऐसा कर्म,
जो पूरे विश्व के लिए एक महान कीर्तिमान होगा

जिसकी वज़ह से जनता में आयेगी जागरुकता,
ख़ुशी – ख़ुशी फ़ल – फ़ूल रहा हिन्दुस्तान होगा

पढ़ा जाएगा उसे विश्व के हर कोने – कोने में,
हर किताब पे अख़बार पे छपा यशु जान होगा

फ़ेसबुक मौत का घर

इस्तेमाल करने वाले पछताते ज़िन्दगी भर हैं,
वॉट्स अप, टिक-टौक, फ़ेसबुक मौत का घर हैं

ब्लू व्हेल, पब जी, कितनों को गई है खा,
चाहे लग गया प्रतिबंध फ़िर भी लगता डर है

और अश्लीलता का दर्पण टिक-टौक ही तो है,
कुछ मज़ेदार बनाते हुए ही जाता बंदा मर है

फ़ेसबुक ने भी चेहरे बिगाड़ दिए बहुत सारे,
हर कोई डूबा हुआ है इसमें मादा या नर है

यशु अपनी सोच से भी काम लेना चाहिए,
मौत आने से पहले कौनसा देती खबर है

जब ये दिल किसी की

लम्हा वो ज़िंदगी का भुलाना मुश्किल होता है,
जब ये दिल किसी की सूरत का आशिक होता है

हक़ीक़त भूल जाते हैं दिलों में डूबने वाले,
जो कोई अनजाना आकर हमसे वाक़िफ़ होता है

भूल जाते हैं सब रिश्ते सिर्फ़ उन्हें छोड़कर,
याद रखना उन्हीं को फिर मुनासिब होता है

ज़ेहन में है यही आता नाम क़ातिल रख दें उनका,
हमें वो मारकर ज़िंदा ना ख़ुद ही क़ातिल होता है

वो फ़िर ख़ुश ना होते हैं ‘यशु’ की जान को लेकर,
मुनाफ़ा इस तरह का आशिक़ों को हासिल होता है

 

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