कविता-कविता-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja

कविता-कविता-मोहनजीत कुकरेजा -Hindi Poetry-कविता-Hindi Poem | Kavita Mohanjeet Kukreja

 

कभी-कभी…
घंटों…
एकान्त में
किसी उदास से
माहौल में
बैठ कर
अपनी ज़िन्दगी के
अतीत में से
तन्हा
और उदास से
जीये हुए
पलों को
तल्लीनता से सोचने पर;
या कभी…
ख़ुद-ब-ख़ुद (!)
दिलो-दिमाग़ में
एक
हलचल सी मचाकर
कोई भूली सी याद
शब्दों का रूप धर
पन्नों पर
उभर आती है…!

 

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