कर ले मुकाबला तू -शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

कर ले मुकाबला तू -शहीदान-ए-वफ़ा-अल्लाह यार ख़ां -Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Allah Yar Khan Jogi ,

कर ले मुकाबला तू ज़रा अपने शाह से ।
पापी है वुह तो हम हैं बरी हर गुनाह से ।
उस ने फ़रेब खेला था पुशत-ए-पनाह से ।
मरने पिता के वासते हम आए चाह से ।
काम इस ने भाईयों से किया था यज़ीद का ।
दारा का है, मुराद का है रुतबा शहीद का ।

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