करि किरपा सतिगुरु मेलिओनु-श्लोक -गुरू राम दास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Ram Das Ji

करि किरपा सतिगुरु मेलिओनु-श्लोक -गुरू राम दास जी-Hindi Poetry-हिंदी कविता -Hindi Poem | Hindi Kavita Guru Ram Das Ji

करि किरपा सतिगुरु मेलिओनु मुखि गुरमुखि नामु धिआइसी ॥
सो करे जि सतिगुर भावसी गुरु पूरा घरी वसाइसी ॥
जिन अंदरि नामु निधानु है तिन का भउ सभु गवाइसी ॥
जिन रखण कउ हरि आपि होइ होर केती झखि झखि जाइसी ॥
जन नानक नामु धिआइ तू हरि हलति पलति छोडाइसी ॥1॥310॥

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